23 से 25 मई तक आयोजित होने वाला यह तीन दिवसीय महाआयोजन राजस्थान सरकार की उस महत्वाकांक्षी पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य प्रदेश की कृषि को निर्वाह-आधारित ढांचे से निकालकर तकनीक-संचालित और बाजार-उन्मुख व्यवस्था में बदलना है। प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों से 75 हजार से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, जो इसे देश के सबसे बड़े कृषि-तकनीक आयोजनों में से एक बनाती है।
"GRAM-2026 केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र में नवाचार, तकनीकी उन्नयन और बाजार से सीधे जुड़ाव का सशक्त मंच बनेगा।"
— नरेश कुमार गोयल, आयुक्त कृषि, राजस्थान
आयुक्त कृषि नरेश कुमार गोयल ने बैठक में गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए विशेष निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को पेयजल, सरस की लस्सी, छाया और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि दूरदराज से आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
आयोजन का तकनीकी एजेंडा अत्याधुनिक कृषि नवाचारों पर केंद्रित होगा। किसानों को ड्रोन आधारित फसल निगरानी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के कृषि अनुप्रयोग, प्रिसिजन फार्मिंग तकनीक, तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती के तरीकों से व्यावहारिक रूप से परिचित कराया जाएगा। स्टार्टअप्स और एग्रीटेक कंपनियों को किसानों एवं नीति निर्माताओं के साथ सीधे संवाद के लिए समर्पित मंच उपलब्ध कराया जाएगा।
बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, तकनीकी सत्रों, प्रदर्शनी एवं लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं पर गहन चर्चा हुई। कृषि उत्पादों में मूल्य संवर्धन, निर्यातोन्मुखी उत्पादन और आधुनिक विपणन व्यवस्थाओं को बढ़ावा देने की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। साथ ही, कृषि वैज्ञानिकों, निवेशकों और सरकारी निर्णय निर्माताओं के बीच संवाद स्थापित कर प्रदेश में कृषि निवेश आकर्षित करने की योजना पर भी सहमति बनी।
राज्य सरकार ने वैश्विक तकनीकी हस्तांतरण को गति देने के लिए विदेशों में रोड शो आयोजित करने की भी योजना बनाई है। इसका उद्देश्य राजस्थान के कृषि क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है और ग्रामीण युवाओं को कृषि उद्यमिता के नए अवसरों की ओर प्रेरित करना है।
आयुक्त उद्यानिकी श्वेता चौहान ने विभागीय समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया, जबकि निदेशक कृषि विपणन राजेश कुमार चौहान सहित वरिष्ठ अधिकारियों को उनके संबंधित क्षेत्रों की समयबद्ध जिम्मेदारी सौंपी गई। गोयल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आयोजन के दौरान किसी भी किसान को परेशानी का सामना नहीं करना चाहिए।
GRAM-2026 "किसान सशक्तिकरण ही ग्रामीण विकास की पूंजी है" — इस मूल मंत्र पर आधारित है। राजस्थान सरकार इस आयोजन को खेती के व्यावसायीकरण, कृषि निर्यात को गति देने और किसानों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल मान रही है।