जयपुर, 01 मई: राजस्थान में जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए शुक्रवार को जिला कलेक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 और जल संचय जन भागीदारी 2.0 के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान जिला कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अभियान के तहत चल रहे सभी कार्यों को 15 जून तक पूर्ण किया जाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि जल संरक्षण के प्रयासों को समयबद्ध तरीके से प्रभावी बनाया जा सके।

कलेक्टर संदेश नायक ने जल संचय जन भागीदारी 2.0 के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की जानकारी लेते हुए सभी विभागों को निर्देशित किया कि जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को संबंधित पोर्टल पर समय पर अपलोड किया जाए। उन्होंने नगरीय निकायों, जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) और अन्य सभी लाइन विभागों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि जल संचय से जुड़े सभी कार्यों की सूचना नियमित रूप से पोर्टल पर दर्ज की जाए, जिससे योजनाओं की निगरानी और प्रगति का आकलन बेहतर तरीके से किया जा सके।

बैठक में राज्य सरकार द्वारा संचालित पर्यावरणीय पहल “हरियालो राजस्थान” अभियान की तैयारियों पर भी विशेष चर्चा की गई। जिला कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि पौधारोपण से जुड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अभी से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कृषि विभाग, उद्यान विभाग, वन विभाग, नगर निगम और जेडीए सहित अन्य संबंधित विभागों को पौधारोपण अभियान की सफल क्रियान्विति के लिए समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि हरियालो राजस्थान अभियान राज्य में हरित क्षेत्र बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसलिए प्रत्येक विभाग को अपने निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार पौधारोपण के लिए स्थान चिन्हित करने, पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करनी होंगी।

बैठक में यह भी जोर दिया गया कि जल संरक्षण और हरित अभियान दोनों ही राज्य के सतत विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। जल स्वावलंबन अभियान के माध्यम से वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और भूजल स्तर सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं हरियालो राजस्थान अभियान के तहत बड़े पैमाने पर पौधारोपण कर पर्यावरण संतुलन को मजबूत किया जा रहा है।

इस अवसर पर जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिभा वर्मा, उपवन संरक्षक वी. केतन कुमार, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी शेर सिंह लुहारिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति से जिला कलेक्टर को अवगत कराया।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण और हरित अभियान से जुड़े सभी कार्यों को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पूरा किया जाएगा, जिससे राज्य सरकार की प्राथमिक योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफल बनाया जा सके।